benefits of fruits during pregnancy: हेल्दी और हैपी बेबी चाहिए तो प्रेग्नेंसी में बिना डरे जरूर खाएं ये 10 फल – must eat these 10 fruits during pregnancy if you want a healthy and happy baby

Published By Neha Seth | 360healthyways.com | Updated:

प्रेग्नेंसी में फल खाना है फायदेमंदप्रेग्नेंसी में फल खाना है फायदेमंद

किसी भी औरत के लिए मां बनना दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास होता है और इस जर्नी की शुरुआत होती है प्रेग्नेंसी से। इस दौरान एक तरफ जहां औरत बच्चे के आने की खबर से बेहद खुश होती है। वहीं कहीं ना कहीं उसके मन में बेचैनी और डर भी होता है कि 9 महीने के इस सफर के दौरान सबकुछ ठीक रहेगा या नहीं और साथ ही साथ शरीर के अंदर हो रहे इतने सारे बदलावों की वजह से ढेरों हेल्थ इशूज भी होते हैं। कुल मिलाकर हम ऐसा कह सकते हैं कि प्रेग्नेंसी एक ऐसा सफर है जिसमें सुख और स्ट्रेस दोनों एक साथ मिलता है।

प्रेग्नेंसी में फ्रूट्स खाना है फायदेमंद

प्रेग्नेंसी के दौरान फ्रेश फ्रूट्स खाना बेहद जरूरी है क्योंकि फल, होने वाली मां और बच्चा दोनों को हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। ताजे फलों में ढेर सारे विटमिन्स और न्यूट्रिएंट्स होते हैं और साथ ही फलों में फाइबर की भी अच्छी मात्रा होती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान अगर स्नैक्स खाने का मन हो तो कुछ भी अनहेल्दी खाने की बजाए फ्रूट्स खाना बेस्ट होगा क्योंकि फ्रूट्स एक तरफ जहां आपकी शुगर क्रेविंग्स को शांत करेंगे वहीं आपको ढेर सारा विटमिन्स भी मिल जाएगा। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं उन 10 फलों के बारे में जिन्हें आपको प्रेग्नेंसी में जरूर खाना चाहिए…

कीवी- ये फल गर्भवस्था के दौरान काफी अच्छा माना जाता है। इसमें विटमिन सी, ई, ए, पोटैशियम, फॉलिक ऐसिड होता है। इस फल को खाने से खांसी और घबराहट की समस्या दूर होती है।

जानिए क्या है फल खाने का सही समयजानिए क्या है फल खाने का सही समयफल खाना सेहत के लिए अच्छा तो होता है, पर उसे खाने का भी एक सही समय होता है। जानिए, किस फल को किस समय पर खाना चाहिए।

केला- पोटैशियम, मैग्नीशियम और फॉलेट से भरपूर केला बच्चे को हर तरह के जन्मजात दोष से बचाता है और गर्भवती स्त्री के जी मिचलाने की समस्या को दूर करता है।

चीकू- प्रेग्नेंसी के दौरान चक्कर आना और जी मिचलाने की प्रॉब्लम्स से बचाने में मदद करता है चीकू। ये फल पेट से जुड़ी बीमारियां जैसे दस्त और पेचिश की समस्या को भी दूर करता है।



ऐप्रिकॉट्स-
विटमिन ए, सी, ई, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और फॉस्फॉरस से भरपूर ऐप्रिकॉट्स अनीमिया से बचाते हैं और बच्चे के ग्रोथ में मदद करते हैं।

सेब- नॉर्मल हेल्थ की ही तरह प्रेग्नेंसी में भी सेब काफी फायदेमंद है। विटमिन ए, सी और फाइबर से भरपूर सेब बच्चे में किसी भी तरह की ऐलर्जी को होने से रोकता है।

ऑरेंज- विटमिन सी, फॉलेट और पानी से भरपूर संतरा आयरन को सोखने में मदद करता है और फॉलेट होने वाले बच्चे में किसी भी तरह की जन्मजात विषमता को दूर करता है।

फल खाते वक्त कभी न करें ये गलतियां, आयुर्वेद में बताया गया सही तरीका

  • फल खाते वक्त कभी न करें ये गलतियां, आयुर्वेद में बताया गया सही तरीका

    फ्रूट्स इस दुनिया के लिए प्रकृति का वरदान हैं। यह दुनिया के सबसे हेल्दी फूड्स में से हैं बशर्ते हम इन्हें सही तरीके से खाएं। जी हां, आप इन्हें कैसे खा रहे हैं इस बात का काफी फर्क पड़ता है। जब फ्रूट्स की बात आती है तो आयुर्वेद में इन्हें खाने के कुछ नियम बताए गए हैं। जानें इन्हें खाने के क्या हैं नियम…

  • ऐसे फल दूध में न मिलाएं

    आयुर्वेद के मुताबिक जो फल पूरी तरह से मीठे न हों इन्हें दूध में न मिलाएं। जिन फलों में जरा भी ऐसिड की मात्रा होती है उन्हें दूध में नहीं मिलाना चाहिए। जैसे दूध में बेरीज न मिलाएं, भले ही केला मीठा होता है लेकिन इसे भी दूध में नहीं मिलाना चाहिए।

  • खाने के तुरंत बाद न खाएं फल

    आयुर्वेद में किसी भी वक्त खाना खाने के तुरंत बाद कोई भी फल खाने की मनाही होती है। इसके पीछे बेसिक रीजन यह है कि फल आपके डाइजेशन की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। फल खाने से पेट में फर्मंटेशन शुरू हो सकता है जिससे पूरा डाइजेशन बिगड़ सकता है। इससे ऐसिडिटी भी हो जाती है।

  • सब्जियों के साथ न खाएं फल

    आयुर्वेद के मुताबिक बिना पके खाने के साथ कभी भी पका हुआ खाना नहीं खाना चाहिए। क्योंकि फल कच्चे खाए जाते हैं, इसलिए इन दोनों को साथ नहीं खाना चाहिए। फल और सब्जियों को पचाने में अलग-अलग एनर्जी की जरूरत होती है, इसलिए इन्हें एक साथ खाना ठीक नहीं।

  • पैक्ड जूस न लें

    फलों में जो प्राकृतिक मिठास और फ्लेवर होता है वही सबसे ज्यादा पोषक होता है। लेकिन कैन्ड जूस में ऑर्टिफिशल स्वीटनर्स और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक जूस निकालकर रखना ठीक नहीं बल्कि इन्हें तुरंत पी लेना चाहिए।

  • इस वक्त खाएं फल

    आयुर्वेद के मुताबिक फल खाने का बेस्ट टाइम सुबह का वक्त है। सिट्रस (खट्टे) फलों को छोड़कर कोई भी फल खाली पेट खाए जा सकते हैं। इनमें केला, नाशपाती, पीच वगैरह शामिल हैं। सेव खासतौर पर सुबह के वक्त खाना चाहिए क्योंकि इसमें पेक्टिन हता है जो कि आपकी आंत को हेल्दी रखता है।

  • ऐसे खाने से घटेगा वजन

    आयुर्वेद में हमेशा रेकमेंड किया जाता है कि खाने के थोड़ी देर पहले फल खाएं क्योंकि इनको पचाने में कम वक्त लगता है। ऐसा करने से आप ओवर ईटिंग से भी बचेंगे।

आम- विटमिन ए और सी से भरपूर 1 कप कटा हुआ आम, आपकी हर दिन की विटमिन सी की जरूरत को 100 फीसदी पूरा करता है। साथ ही बच्चे की इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग बनाता है।


नाशपाती- फाइबर, फॉलेट और पोटैशियम से भरपूर नाशपाती प्रेग्नेंसी में कब्ज की दिक्कत नहीं होने देता और बच्चे की हार्ट हेल्थ का ख्याल रखता है।

अनार- विटमिन के, कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन से भरपूर अनार एनर्जी का बेहतरीन सोर्स है। साथ ही यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है।

ऐवकाडो- विटमिन बी, कॉपर, फाइबर से भरपूर ऐवकाडो बच्चे की स्किन और ब्रेन टीशूज के डिवेलपमेंट में मदद करता है और प्रेग्नेंट महिला के पैरों में होने वाले क्रैम्प्स की दिक्कत को दूर करता है।

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