praveen kumar suicide thought: Sejal Suicide: जानें, कैसे पता लगाएं डिप्रेशन की वजह से सूइसाइड कर सकता है कोई – sejal sharma suicide and cricketer praveen kumar revelation of thoughts of suicide know about symptoms of depression and suicidal thoughts

Published By Akshara Upadhyay | 360healthyways.com | Updated:

फोटो साभार: इंस्टाग्राम@i_sejalsharmaofficialफोटो साभार: इंस्टाग्राम@i_sejalsharmaofficial

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री अभी कुशल पंजाबी के सूइसाइड को भूली भी नहीं थी कि अब ऐक्ट्रेस सेजल शर्मा की आत्महत्या कर लेने की खबर ने सबको झकझोर कर रख दिया है। वहीं कुछ दिन पहले क्रिकेटर प्रवीण कुमार ने भी यह खुलासा कर सबको चौंका दिया था कि उनके मन में सूइसाइड का ख्याल आया था और उन्होंने इसके लिए बंदूक तक ले ली थी। इन सभी केस में सूइसाइड के ख्याल के पीछे डिप्रेशन बड़ी वजह रही। किसी के लिए डिप्रेशन का कारण पर्सनल रहा तो किसी के लिए करियर में मिल रही असफलता।

WHO की रिपोर्ट की मानें तो दुनिया में हर 40 सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है। डिप्रेशन और सूइसाइड का ख्याल लिए व्यक्ति आपके आसपास भी हो सकता है ऐसे में उसकी मदद करने के लिए आपका भी इनसे जुड़े लक्षणों का जानना जरूरी है।

डिप्रेशन के लक्षणों को दूर कर सकता है पोषक आहार: अध्ययनडिप्रेशन के लक्षणों को दूर कर सकता है पोषक आहार: अध्ययन

डिप्रेशन के लक्षण

1. हर समय निराशा और असहाय महसूस करना व खुद की आलोचना करते रहना।

2. किसी भी चीज में रुचि नहीं ले पाना।

3. हमेशा थका हुआ या कमजोरी महसूस करना।

4. भूख नहीं लगना और वजन गिरते जाना।

5. नींद नहीं आना या बहुत ज्यादा नींद आना।

6. सोशल सर्कल में ऐक्टिव नहीं रहने की इच्छा।

7. छोटी-छोटी बात पर या फिर हर समय इरिटेट या गुस्सा महसूस करना।

8. मूड में बहुत तेजी से उतार-चढ़ाव आना।

9. शराब, ड्रग्स जैसे नशे में चूर रहना।

10. किसी भी चीज पर ध्यान लगाने या याद रखने में परेशानी आना।

​मानसिक समस्याएं दूर करने में मददगार है एक्सर्साइज

  • ​मानसिक समस्याएं दूर करने में मददगार है एक्सर्साइज

    इसमें कोई शक नहीं कि रेग्युलर बेसिस पर एक्सर्साइज करने से आप शारीरिक रूप से फिट और हेल्दी रहते हैं और कई तरह की बीमारियों से भी बचे रहते हैं। लेकिन वेट लॉस, बीमारियों का खतरा कम और शारीरिक सेहत के साथ-साथ एक्सर्साइज आपकी मानसिक सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। नियमित रूप से एक्सर्साइज करने पर डिप्रेशन, ऐंग्जाइटी और कई दूसरी मानसिक समस्याएं दूर रहती हैं और आपकी मेंटल हेल्थ बनी रहती है। हम आपको बता रहे हैं उन 5 एक्सर्साइजेज के बारे में जिससे हमेशा फिट रहेगी आपकी मानसिक सेहत…

  • ​ब्रेन और मेंटल हेल्थ को ऐसे प्रभावित करती है एक्सर्साइज

    – रेग्युलर एक्सर्साइज से आपका मूड बेहतर रहता है- आपकी मेमरी यानी याददाश्त मजबूत बनी रहती है, चीजें याद रखना आसान होता है- आपकी सोचने, सीखने और निर्णय लेने की क्षमता उम्र के साथ बेहतर होती है जाती है- ब्रेन हमेशा शार्प बना रहता है और आपकी क्रिएटिविटी बनी रहती है

  • ​वॉकिंग या जॉगिंग

    एक्सर्साइज का मतलब ये नहीं कि जिम में घंटों पसीना बहाया जाए। प्रकृति के करीब रहकर 10 मिनट अगर वॉक भी कर लें तो यह आपके मेंटल हेल्थ के लिए कई तरह से फायदेमंद साबित हो सकता है। एक रिसर्च में यह बात सामने आयी है कि रनिंग या जॉगिंग करने से बैड मेंटल हेल्थ डेज को 19 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।लिहाजा याद रखें, बॉडी को मूव करना और फिजिकल ऐक्टिविटी करना इम्पॉर्टेंट है।

  • ​ऐरोबिक्स या कार्डियो

    रिसर्च में साबित हो चुकी है कि कम इंटेंसिटी वाले ऐरोबिक्स एक्सर्साइज या कार्डियो एक्सर्साइज, आपके अंदर पॉजिटिव विचारों को प्रोत्साहित करने और आपको और ज्यादा सतर्क बनाने में मदद करते हैं। ऐरोबिक्स के जरिए बैड मेंटल हेल्थ डेज को 20.1 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। लिहाजा लो-इंटेंसिटी वाले एक्सर्साइज से शुरुआत करें औऱ धीरे-धीरे पेस बढ़ाएं।

  • ​स्विमिंग करना

    अगर आप हर दिन सिर्फ 10 मिनट स्विमिंग कर लें तो यह भी आपके मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि यह बेहद जरूरी है कि आप जो भी करें उसे इंजॉय करें। किसी भी एक्सर्साइज को बोझ समझकर न करें वरना उसका आपको कोई फायदा नहीं होगा।

  • ​योग भी है फायदेमंद

    अगर आप जिम नहीं जाना चाहते तो योग कर सकते हैं। योग भी आपकी मानसिक सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकता है। अपने आप से संपर्क स्थापित करने और फोकस, कॉन्सन्ट्रेशन जैसी चीजों को बेहतर बनाने और मेंटल हेल्थ को फिट और स्ट्रॉन्ग रखने में मददगार साबित हो सकता है योग।

  • ​साइकल चलाएं

    साइकल चलाने से डिप्रेशन और ऐंग्जाइटी की समस्या दूर होती है, स्ट्रेस हॉर्मोन में कमी आती है जो हमारे मूड को नकारात्मक बनाता है और हैपीनेस हॉर्मोन में बढ़ोतरी होती है। आपका आत्मविश्वास और मोटिवेशन बढ़ाने में भी फायदेमंद साबित हो सकती है साइक्लिंग।

सूइसाइड का ख्याल आने पर दिख सकते हैं ये लक्षण

1. खुद की परवाह नहीं करना या ध्यान नहीं रखना।

2. रैश ड्राइविंग, ज्याद ड्रग्स, शराब आदि जैसी रिस्की चीजें करना।

3. शरीर पर कट लगाकर या किसी अन्य तरह से खुद को नुकसान पहुंचाना।

4. मौत के बारे में बातें करना।

5. जिंदगी जीने के प्रति निराशा दिखाना।

6. अलविदा कहने या फिर आखिरी संदेश जैसे मेसेज करना।

7. बिना बताए कई घंटों या दिनों तक संपर्क में नहीं रहना।

8. सूइसाइड पॉइंट्स के बारे में सर्च करते रहना।

9. अचानक से अपनी कीमती चीजों को खास लोगों को देना।

10. दूरी बनाए रखने के बाद अचानक से बहुत ज्यादा खुश और लोगों के करीब दिखना।

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कैसे करें मदद

1. डिप्रेशन और सूइसाइड के थॉट्स लिए व्यक्ति हमेशा अकेले रहने की कोशिश करेगा लेकिन उसका साथ न छोड़ें और उससे बात करते रहें।

2. गन, चाकू, गाड़ी, आदि जैसी चीजें जिससे वे खुद को नुकसान पहुंचा सकते हैं उन्हें दूर रखें। कोशिश करें कि उनके आसपास हमेशा रहें और रात में भी सोने के दौरान उन्हें बीच-बीच में चेक करते रहें।

3. जरूरत हो तो दरवाजे के लॉक बदलवा लें ताकि उन्हें अंदर से लॉक न किया जा सके।

4. डॉक्टर की मदद लेने से हिचकिचाए नहीं। कोर्स के दौरान पीड़ित व्यक्ति दवाई लेने में आनाकानी कर सकता है ऐसे में उसे दवाई देने की जिम्मेदारी खुद लें।

5. लगातार काउंसलिंग के लिए ले जाएं।

6. डिप्रेशन से पीड़ित व्यक्ति पर इमोशनल तौर पर किसी भी तरह का दबाव न बनाएं। उन्हें मोटिवेट करें लेकिन इसे लेकर भी उन पर दबाव न बनाएं।


जानें, फल-सब्जियों के छिलके के फायदे

  • जानें, फल-सब्जियों के छिलके के फायदे

    यह बात तो सभी जानते होंगे कि फल-सब्जियां स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होती हैं, लेकिनआपको शायद ही पता हो कि फल-सब्जियों के साथ-साथ उनके छिलके भी आपके सेहत को दुरुस्‍त रखने में मदद कर सकते हैं। जी हां कई अध्‍ययनों में पाया गया है, कि न केवल फल-सब्जियां, बल्कि उनके छिलके भी आपको कई बीमारियों से दूर रखने में मददगार हैं। आइए आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानते हैं कि आपको किन-किन फल व सब्जियों के छिलकों का किस तरह सेवन करना चाहिए।

  • कलेस्ट्रॉल कम करेगा संतरे का छिलका

    संतरे के छिलके का इस्‍तेमाल त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए किया जाता है लेकिन यही संतरा या मौसमी का छिलका आपके कलेस्‍ट्रॉल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकता है। रॉयल सोसायटी ऑफ मेडिसन के अनुसार, संतरे या मौसमी जैसे फल के छिल्‍के में सुपर-फ्लैवोलॉयड पाया जाता है, जो कि शरीर में बैड कलेस्‍ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। इसके लिए आप संतरे या मौसमी के छिलके का जूस बनाकर सेवन कर सकते हैं या फिर आप चाहें, तो इसके छिलके को कद्दू कस करके सूप या सब्‍जी में मिलाकर सेवन कर सकते हैं।

  • डिप्रेशन को दूर करे केले का छिलका

    केले का छिलका आपके तनाव को दूर करने में मदद कर सकता है। क्‍योंकि केले के छिलके में फील गुड हॉर्मोन ‘सेरोटोनिन’ पाया जाता है। सेरोटोनिन एक महत्वपूर्ण ब्रेन-केमिकल है, जो आपके मूड को बेहतर बनाता है और आपकी उदासी को दूर करने के साथ आपको डिप्रेशन या तनाव को दूर करने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें ‘ल्‍यूटिन’ नामक ऐंटीऑक्‍सिडेंट्स भी मौजूद होते हैं, जो कि आपकी आंखों को अल्‍ट्रावायलेट किरणों से बचाकर मोतियाबिंद के खतरे को कम करते हैं। इसके लिए आप केले के छिलके को 1 ग्लास पानी में डालकर 10 मिनट के लिए उबालें और फिर ठंडा करने के बाद आप इस पानी को पिएं।

  • पौष्टिक तत्‍वों से भरपूर आलू का छिलका

    आमतौर पर आप में से अधिकतर लोगों ने आलू के छिलके का उपयोग डार्क सर्कल्‍स को दूर करने के लिए सुना होगा। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि आलू के छिलके में कितने पौष्टिक तत्‍व पाये जाते हैं, जो कि शरीर को कई बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है? इसलिए यदि आप आलू का छिलका निकालकर सब्‍जी बनाते हैं, तो इस आदत को छोड़ दें और आलू की छिलके सहित सब्‍जी बनाएं। यदि आलू की सब्‍जी पसंद न हो, तो आप आलू के चिप्‍स बनाकर भी खा सकते हैं। इससे आपको आयरन, विटमिन सी, जिंक और पोटैशियम भरपूर मात्रा में मिलेगा।

  • ​दिल को दुरुस्‍त रखे लहसुन का छिलका​

    लहसुन के छिलके आप में से अधिकतर लोग, तो फेंकते ही होंगे। लेकिन ‘द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन’ में छपे एक शोध में लहसुन के छिलके में ‘फिनायलप्रॉपेनॉयड’ नाम के ऐंटीऑक्सिडेंट्स पाये जाते हैं, जो कि ब्‍लड प्रेशर के साथ ही लो-डेन्सिटी लाइपोप्रोटीन यानी बैड कलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ आपको दिल संबंधी बीमारियों से दूर रखता है। इसके लिए आप रोजाना दो कली लहसुन की छिलके के साथ खाएं। इसके अलावा, लहसुन ब्‍लड प्रेशर कंट्रोल करने, डायबिटीज व कैंसर से बचाव में मददगार है।

  • रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है कद्दू का छिलका

    कद्दू का छिलका रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मददगार है। कद्दू में मौजूद बीटा कैरोटीन फ्री-रैडिकल्स का खात्मा कर कैंसर से बचाव करने में मददगार है साथ ही इसमें मौजूद जिंक अल्ट्रावायलेट किरणों से स्किन सेल्‍स की रक्षा करने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायता करता है। इसके लिए आप कद्दू का छिलका मुलायम हो तो सब्जी के साथ पकाएं और अगर सख्‍त हो, तो छीलकर धूप में सुखाएं। इसके बाद आप ओवन में भूनकर चिप्स के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं।

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