pregnancy questions and answers: बच्चे की प्लानिंग और प्रेग्नेंसी से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें ये 5 सवाल – important questions to ask your doctor before getting pregnant

गर्भधारण करने से पहले डॉक्टर से बात करना और अपनी मेडिकल कंडिशन और फर्टिलिटी के बारे में पहले ही जान लेना बेहद जरूरी है ताकि आपकी प्रेग्नेंसी हेल्दी प्रेग्नेंसी बन सके। डॉक्टर से किस तरह के सवाल पूछने हैं, यहां जानें।

Published By Neha Seth | 360healthyways.com | Updated:

प्रेग्नेंसी से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें ये सवालप्रेग्नेंसी से पहले डॉक्टर से जरूर पूछें ये सवाल

अगर आपने और आपके पार्टनर ने तय कर लिया है कि आप पैरंट्स बनना चाहते हैं और बच्चे की जिम्मेदारी के लिए आप दोनों तैयार हैं तो बच्चे की प्लानिंग करने से पहले आपको बहुत सारी तैयारियां करनी होती है। फाइनैनशियल और इमोशनल तैयारियों के साथ-साथ हेल्थ से जुड़ी तैयारियां और प्लानिंग भी आप पहले ही कर लें तो आने वाले बच्चे के साथ-साथ आपके लिए भी यही बेहतर रहेगा। गर्भधारण करने से पहले डॉक्टर से बात करना और अपनी मेडिकल कंडिशन और फर्टिलिटी के बारे में पहले ही जान लेना बेहद जरूरी है ताकि आपकी प्रेग्नेंसी हेल्दी प्रेग्नेंसी बन सके। हम आपको बता रहे हैं उन 5 अहम सवालों के बारे में जिन्हें आपको प्री-प्रेग्नेंसी कंसलटेशन के दौरान अपने डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए…



1. मुझे प्रेग्नेंट होने यानी गर्भधारण करने में कितना वक्त लगेगा?
आप कितने दिनों में प्रेग्नेंट हो जाएंगी या फिर गर्भधारण करने में आपको कितना वक्त लगेगा ये सबसे अहम सवाल है और यह कई बातों पर निर्भर करता है। बहुत से कपल्स पहले ही ट्राई में सफल हो जाते हैं जबकी बहुत से कपल ऐसे भी होते हैं जो सालों तक कोशिश करने के बाद भी कंसीव नहीं कर पाते। अगर आप 1 साल से ज्यादा समय से कोशिश कर रही हैं लेकिन प्रेग्नेंट नहीं हो पायीं हैं तो दोनों पार्टनर को अपना इन्फर्टिलिटी टेस्ट करवाना चाहिए। साथ ही साथ हर चीज अपने समय से होती है इसलिए इस पूरे प्रोसेस को इंजॉय करें और स्ट्रेस बिलकुल न लें क्योंकि स्ट्रेस से गर्भधारण और मुश्किल हो जाएगा।

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2. क्या मेरी हेल्थ का मेरी फर्टिलिटी पर कोई असर पड़ेगा?

डॉक्टरों की मानें तो सेहत से जुड़ी कुछ समस्याएं ऐसी होती हैं जो आपकी प्रेग्नेंसी में और बच्चे को कंसीव करने में बाधा डाल सकती हैं। थाइरॉयड, पॉलिसिस्टिक ओवरी डिजीज PCOD और एसटीडी जैसी बीमारियों का महिलाओं की फर्टिलिटी फर सीधा असर पड़ता है। वहीं पुरुषों की बात करें तो स्पर्म काउंट, स्पर्म की गतिशीलता जैसी कई दिक्कतें भी आपके गर्भधारण में रुकावट बन सकती हैं। लिहाजा डॉक्टर से संपर्क करें, वही आपको सही रास्ता बता पाएंगे।

प्रेग्नेंसी के दौरान भूल से भी न करें ये 5 गलतियांप्रेग्नेंसी के दौरान भूल से भी न करें ये 5 गलतियांजब बात प्रेग्नेंसी की आती है तो ड्रग्स और ऐल्कॉहॉल के अलावा भी कई चीजें जिनसे आपको बचना चाहिए, वैसे तो इन 9 महीनों में आप नॉर्मल लाइफ जी सकती हैं, लेकिन कुछ गलतियां भूल से भी नहीं करनी चाहिए।

3. क्या मुझे प्रेग्नेंट होने से पहले ही प्री-नेटल विटमिन्स और सप्लिमेंट्स का सेवन करना चाहिए?

ये सबसे अहम पॉइंट हैं क्योंकि अगर आप हेल्दी चीजें खाती हैं तो इससे आपके कंसीव करने और हेल्दी प्रेग्नेंसी के चांसेस बढ़ जाते हैं। लिहाजा अगर आप मां बनने की प्लानिंग कर रही हैं, प्रेग्नेंट होने की कोशिश कर रही हैं तो आपको कंसीव करने से 3 से 6 महीने पहले ही फॉलिक ऐसिड का सेवन शुरू कर देना चाहिए। साथ ही साथ डॉक्टर से पूछकर विटमिन बी6, ओमेगा 3 फैटी ऐसिड जैसे विटमिन्स और सप्लिमेंट्स का भी सेवन करना चाहिए। इसके अलावा जंक फूड खाना बंद कर दें और हेल्दी डायट अपनाएं।

4. प्रेग्नेंसी से पहले क्या मुझे किसी तरह का खास वैक्सीनेशन लेने की जरूरत है?

अगर आप प्रेग्नेंसी के दौरान बीमार हो जाती हैं तो आपके साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत को भी गंभीर खतरा हो सकता है। लिहाजा अगर आपने अब तक मीजल्स, रुबेला, चिकनपॉक्स जैसी गंभीर बीमारियों की वैक्सीन नहीं ली है तो कंसीव करने से पहले ये सारी वैक्सीन ले लें क्योंकि इन बीमारियों के वायरस प्रेग्नेंट महिलाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा सीसजनल फ्लू और हेपेटाइटिस बी वैक्सीन को आप प्रेग्नेंसी के दौरान ले सकती हैं।

5. प्रेग्नेंट होने के लिए किसी खास तरह की टाइमिंग का ध्यान रखना होगा क्या?

महिलाओं के लिए अपना ऑव्यूलेशन पीरियड जानना बेहद जरूरी है क्योंकि अगर ऑव्यूलेशन के दौरान इंटरकोर्स किया जाए तो प्रेग्नेंसी के चांसेज अधिक होते हैं। पीरियड्स शुरू होने के 13 से 20 दिन पहले ऑव्यूलेशन पीरियड होता है और इस समय और टाइमिंग का ध्यान रखना जरूरी है। आप चाहें तो मार्केट में मिलने वाली ऑव्यूलेशन टेस्ट किट यूज कर सकती हैं जिससे आपको ऑव्यूलेशन और कंसीव करने में दिक्कत नहीं होगी।

स्पॉटिंग और मरोड़

  • स्पॉटिंग और मरोड़

    आमतौर पर माना जाता है कि प्रेग्नेंसी में ब्लीडिंग होना खतरे की घंटी है लेकिन प्रेग्नेंसी की शुरुआत का एक लक्षण भी कुछ ऐसा ही है। दरअसल, प्रेगनेंट होने पर फर्टाइल ऐग यूट्रस की वॉल से चिपक जाता है। इससे वजाइना के जरिए थोड़ा खून निकल सकता है। इसे implantation bleeding भी कहते हैं। इन्हें कारणों से पेट में मरोड़ भी चल सकती है। कुल मिलाकर ये लक्षण कुछ ऐसे होते हैं जैसे पीरियड से पहले आमतौर पर महिलाएं अनुभव करती हैं।

  • ब्रेस्ट में बदलाव

    कंसेप्शन के बाद महिलाओं के शरीर में हॉर्मोनल बदलाव तेज हो जाते हैं। इस वजह से स्तन में सूजन, दर्द या झुनझुनापन महसूस हो सकता है। इसके साथ ही निपल एरिया का रंग भी ज्यादा गहरा होने लग जाता है।

  • थकान

    एग फर्टाइल होने यानी प्रेग्नेंसी शुरू होने के एक सप्ताह के अंदर महिला को शरीर में ज्यादा थकान महसूस हो सकती है। शरीर में कमजोरी महसूस होने पर उन्हें बार-बार आराम करने की इच्छा होती है। यह थकान बिना काम किए भी बॉडी में फील होती रहती है।

  • मॉर्निंग सिकनेस

    मॉर्निंग सिकनेस प्रेग्नेंसी का कॉमन लक्षण माना जाता है, लेकिन जरूरी नहीं कि सभी महिलाओं को सुबह के वक्त ही इसका अनुभव हो। जी मचलाने या उल्टी दिन में कभी भी हो सकती है, इसलिए इस लक्षण को लेकर थोड़ा ज्यादा सजग रहने की जरूरत है।

  • पीरियड मिस होना

    प्रेग्नेंसी के बारे में पता लगाने के लिए पीरियड डेट का ट्रैक रखना बेहद जरूरी है। डेट के एक महीने के बाद मिस हो जाने पर एक बार चाहे तो घर पर या फिर डॉक्टर के पास जाकर प्रेग्नेंसी टेस्ट करवाने में कोई हर्ज नहीं है।

  • अन्य लक्षण

    प्रेगनेंट होने पर महिलाओं को सिर दर्द, पीठ में दर्द, चक्कर आना, कब्ज की समस्या होना, ज्यादा यूरिनेशन और मूड में तेजी से बदलाव महसूस हो सकते हैं। ऐसा गर्भधारण होने पर शरीर में चल रहे बदलावों के कारण होता है।

Web Title important questions to ask your doctor before getting pregnant(News in Hindi from Navbharat Times , TIL Network)

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